नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस पर शुक्रवार रात पथराव की घटना सामने आई। बोरखेड़ी और सिंधी के बीच यात्रा के दौरान ट्रेन की खिड़की पर पत्थर लगने से शीशा टूट गया और एक यात्री को मामूली चोट आई। घटना के बाद ट्रेन को वर्धा स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक रोककर जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हुई।
रेलवे के अनुसार, 25 सितंबर को रात करीब 8:27 बजे ट्रेन संख्या 12290 पर बोरखेड़ी स्टेशन पार करने के बाद पथराव की सूचना मिली। इस घटना में A-1, B-2 और B-5 कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाहर से किसी वस्तु या पत्थर के टकराने से नुकसान हुआ।
सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस के कर्मचारियों ने बोरखेड़ी-सिंधी खंड में किलोमीटर 803 से 796 तक तलाशी अभियान चलाया। बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांवों के आसपास भी जांच की गई। पुलिस पाटिल और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला। घटना की सही जगह और पथराव करने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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रेलवे अधिकारियों ने बताया कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकना यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। पत्थर लगने से खिड़कियों के शीशे टूट सकते हैं और बच्चों तथा बुजुर्गों समेत यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है।
रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत चलती ट्रेन पर नुकसान पहुंचाने के इरादे से पत्थर या कोई वस्तु फेंकना दंडनीय अपराध है। संबंधित प्रावधानों में गंभीर मामलों में दस वर्ष तक की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान है।
पथराव रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाई है। सीसीटीवी निगरानी भी मजबूत की गई है। रेलवे ने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना हेल्पलाइन 139 पर देने की अपील की है।
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