भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाषा के मुद्दे का इस्तेमाल उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने के लिए कर रही है। त्रिवेदी ने कहा कि भाषा को संघर्ष का हथियार बनाने की कोशिश अंततः सफल नहीं होगी।
सुधांशु त्रिवेदी ने तमिल भाषा पर खतरा होने संबंधी दावों का खंडन करते हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) जैसी नीतियों को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाषा के मुद्दे को राजनीतिक विवाद का रूप देना उचित नहीं है।
यह विवाद तमिल भाषा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच सामने आया है। नीट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा है। इसे लेकर विभिन्न राज्यों में लंबे समय से बहस होती रही है। तमिलनाडु में भी नीट की अनिवार्यता और इसके प्रभाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद रहे हैं।
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त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे भाषा के सवाल को उत्तर-दक्षिण विभाजन से जोड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, भाषा लोगों की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे राजनीतिक संघर्ष का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
बीजेपी सांसद की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब देश में भाषाई विविधता, शिक्षा नीति और राज्यों के अधिकारों को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। तमिल भाषा तमिलनाडु की प्रमुख भाषाई और सांस्कृतिक पहचान है। वहीं, नीट को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच परीक्षा की उपयोगिता, समान अवसर और क्षेत्रीय परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं।
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