असम के कार्बी आंगलोंग जिले में गुरुवार शाम भारतीय वायुसेना का एक सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद वायुसेना और स्थानीय प्रशासन ने पायलट और विमान के मलबे की तलाश के लिए व्यापक खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
गुवाहाटी स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि यह विमान शाम करीब 7 बजे प्रशिक्षण उड़ान के दौरान रडार से अचानक गायब हो गया था। उस समय यह कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर नियमित सॉर्टी मिशन पर था।
स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनने की जानकारी दी है, जिसके बाद विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका जताई गई। भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह विमान असम के कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में, जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। फिलहाल पायलट लापता बताया जा रहा है और उनकी तलाश जारी है।
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इससे पहले जून 2024 में महाराष्ट्र के नासिक जिले में भी सुखोई Su-30 MKI से जुड़ी एक दुर्घटना हुई थी। उस समय निफाड़ तहसील के शिरसगांव गांव के पास विमान क्रैश हो गया था। हालांकि उस घटना में पायलट विंग कमांडर बोकिल और सह-पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गए थे। पायलट को मामूली चोटें आई थीं और उन्हें इलाज के लिए हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सुखोई Su-30 MKI भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख लड़ाकू विमान है। यह दो सीटों वाला, ट्विन-जेट और 4.5 पीढ़ी का उन्नत विमान है, जिसे रूस की सुखोई कंपनी ने विकसित किया है और भारत में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाया जाता है। लगभग 3,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाला यह विमान ब्रह्मोस मिसाइल दागने में भी सक्षम है।
वर्तमान में भारतीय वायुसेना के बेड़े में करीब 270 सुखोई Su-30 MKI विमान शामिल हैं, जिन्हें ‘सुपर सुखोई’ कार्यक्रम के तहत आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने की योजना भी चल रही है।
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