महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस द्वारा उन्हें कथित तौर पर "गूंगी गुड़िया" कहे जाने के बाद अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। एनसीपी ने इस टिप्पणी को महिला नेता का अपमान बताते हुए राजनीतिक भाषा के स्तर में गिरावट का आरोप लगाया है।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस और बीड दौरे को लेकर सवाल उठाए थे। पार्टी ने पूछा कि वह कब तक "गूंगी गुड़िया" बनी रहेंगी। कांग्रेस की यह टिप्पणी सुनेत्रा पवार के सार्वजनिक कार्यक्रमों में कथित चुप्पी को लेकर की गई थी। इसके बाद अजित पवार गुट की एनसीपी ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
एनसीपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की कभी अलग राजनीतिक संस्कृति और मर्यादित भाषा के लिए पहचान थी, लेकिन अब पार्टी अपने मूल्यों से दूर जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी महिला नेता के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
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एनसीपी ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस का नेतृत्व गलत दिशा में जा रहा है, जिसके कारण राजनीतिक संवाद का स्तर गिर रहा है। इस बयान के बाद कांग्रेस और अजित पवार गुट के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
वहीं, शरद पवार गुट के एनसीपी विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की टिप्पणी के संदर्भ का बचाव किया। उन्होंने कहा कि किसी बयान के पीछे का संदर्भ समझना जरूरी है। रोहित पवार ने सुनेत्रा पवार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्री धनंजय मुंडे ने पत्रकार के सवाल का जवाब देते समय बीच में हस्तक्षेप किया था।
रोहित पवार ने कहा कि अगर अजित पवार वहां मौजूद होते तो वह धनंजय मुंडे को ऐसा करने से रोकते। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार को खुद अपनी बात रखने के लिए मजबूती से सामने आना चाहिए था।
उन्होंने यह भी कहा कि "गूंगी गुड़िया" शब्द को सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूपों में देखा जा सकता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी कभी इस नाम से पुकारा गया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने नेतृत्व से खुद को साबित किया।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है। हाल ही में एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा था कि अगर दोनों गुटों का विलय होता है तो फैसला पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में लिया जाएगा। वहीं, शरद पवार ने जल्द विलय की अटकलों को खारिज किया था।
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