सुप्रीम कोर्ट ने नीट-पीजी 2026 की दोबारा परीक्षा सभी अभ्यर्थियों के लिए कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ता और उसके वकील पर कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही वकील के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) को भी विचार करने को कहा।
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिका दाखिल करने के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने वकील से सवाल किया कि वह परीक्षा से जुड़े मामलों में बार-बार जनहित याचिकाएं क्यों दाखिल कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता ने मई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें नीट-पीजी परीक्षा एक ही पाली में कराने का निर्देश दिया गया था। याचिका में कहा गया कि जयपुर में बिजली संबंधी समस्या के कारण करीब 2,500 अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इसके बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की।
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एनबीईएमएस की ओर से अदालत में पेश वकील ने बताया कि देशभर में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई थी और तकनीकी समस्या केवल जयपुर के दो केंद्रों तक सीमित थी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा याचिकाकर्ता नोएडा और पंजाब से हैं और वे इस तकनीकी समस्या से प्रभावित नहीं हुए थे।
अदालत ने यह भी पूछा कि क्या याचिकाकर्ता स्वयं दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं। जवाब नकारात्मक मिलने पर पीठ ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर इस तरह की याचिकाएं दाखिल करने से छात्रों और देश को नुकसान हो सकता है।
2,445 अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा
जयपुर के आईऑन डिजिटल जोन आईडीजेड सीतापुरा के परीक्षा केंद्र संख्या 41682 और 41683 पर तकनीकी समस्या से प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए नीट-पीजी की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर को होगी। एनबीईएमएस के अनुसार, आंतरिक बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी थी।
नीट-पीजी की उत्तर कुंजी पहली बार जारी किए जाने की संभावना है। परीक्षा परिणाम सितंबर के तीसरे सप्ताह तक घोषित होने की उम्मीद है।
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