सीरिया के अलेप्पो शहर में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (SDF) के लड़ाकों ने शहर के अशरफियेह और शेख मकसूद इलाकों को छोड़ने से इनकार कर दिया है और उन्होंने सीरियाई सेना के खिलाफ “प्रतिरोध” जारी रखने का ऐलान किया है। इन इलाकों को सीरियाई सेना ने चारों ओर से घेर लिया है, जिससे संघर्ष की आशंका और बढ़ गई है।
सीरियाई अधिकारियों ने बताया कि लगभग 50 बसों की व्यवस्था की गई है, ताकि अलेप्पो के उन मोहल्लों से SDF लड़ाकों को बाहर निकाला जा सके, जहां हाल के दिनों में झड़पें हुई हैं। हालांकि, SDF के लड़ाकों का कहना है कि वे इन इलाकों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और सेना की घेराबंदी का सामना करेंगे।
इस बीच, सीरियाई प्रशासन ने अलेप्पो के कई इलाकों में युद्ध के अवशेषों को लेकर चेतावनी जारी की है। आपातकाल और आपदा प्रबंधन मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु के पास न जाएं और न ही उसे छुएं, क्योंकि वे युद्ध के दौरान छोड़े गए विस्फोटक या खतरनाक अवशेष हो सकते हैं। मंत्रालय ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा कि खासतौर पर उन क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए, जहां पहले SDF की मौजूदगी रही है।
और पढ़ें: छत्तीसगढ़ में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, ₹1.19 करोड़ से अधिक का था इनाम
सीरिया के सूचना मंत्री हमज़ा अल-मुस्तफा ने कहा है कि सीरियाई कुर्द देश का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने उन्हें “हमारे अपने लोग और भविष्य के साझेदार” बताते हुए कहा कि हालिया सैन्य और सुरक्षा कदम राज्य और उसकी संस्थाओं के ढांचे से बाहर पैदा हुए गतिरोध का जवाब है। उनका कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य व्यवस्था बहाल करना और सार्वजनिक स्थिरता की रक्षा करना है।
अल-मुस्तफा ने यह भी कहा कि मानवीय प्रयास शुरू हो चुके हैं और उन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि विस्थापित परिवार सम्मानजनक तरीके से अपने घर लौट सकें, जो लोग रुके हुए हैं उन्हें आवश्यक सेवाएं मिल सकें और किसी भी बहाने से जबरन पलायन या विस्थापन की अपीलों को खारिज किया जा सके।
और पढ़ें: 250 साल पुरानी मुंगेर की बंदूक फैक्ट्रियों को नई जिंदगी, डिफेंस कॉरिडोर से मिलेगी मजबूती