तेलंगाना के एक प्रमुख तेलुगु न्यूज चैनल के दो वरिष्ठ पत्रकारों को एक महिला IAS अधिकारी और एक मंत्री को लेकर कथित मानहानिकारक और फर्जी खबर प्रसारित करने के मामले में जमानत दे दी गई है। इन पत्रकारों—दसारी सुधीर और दोंथु रमेश—को बुधवार को हैदराबाद पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) की जांच के तहत गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई तेलंगाना IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी जयेश रंजन की शिकायत के आधार पर की गई थी।
शिकायत में कहा गया था कि 8 जनवरी को चैनल ने महिला IAS अधिकारी से जुड़ी एक खबर प्रकाशित और प्रसारित की, जो पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और निराधार थी। इस खबर में एक मंत्री पर महिला IAS अधिकारी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी कुछ पोस्ट सामने आए, जिनमें महिला अधिकारी पर एक मंत्री के साथ निजी संबंधों के जरिए पोस्टिंग हासिल करने के आरोप लगाए गए।
इस मुद्दे पर 10 जनवरी को तेलंगाना के वरिष्ठ मंत्री कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे महिला IAS अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित और गैर-जिम्मेदाराना मीडिया अभियान बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि IAS अधिकारियों की तबादला और नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी मंत्री की कोई भूमिका नहीं होती और यह फैसला केवल मुख्यमंत्री द्वारा तय नियमों के अनुसार लिया जाता है।
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पुलिस ने बताया कि 10 जनवरी को हैदराबाद के सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) में भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और महिलाओं के अशोभनीय प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद 14 जनवरी को SIT ने दोनों पत्रकारों को गिरफ्तार कर उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
मामला दर्ज होने के बाद चैनल प्रबंधन ने सार्वजनिक रूप से माफी जारी करते हुए प्रसारण पर खेद जताया। इस गिरफ्तारी की पत्रकार संगठनों और विपक्षी दलों ने आलोचना की। बीआरएस नेता केटीआर और हरिश राव ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया, जबकि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
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