तेलंगाना के मंछेरियल जिले में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण हुए दर्दनाक हादसों में चार किसानों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। यह घटनाएं मंगलवार देर रात लक्सेट्टिपेट मंडल के दो गांवों में हुईं, जब किसान बारिश से बचने के लिए टिन की छत वाले शेडों और जर्जर संरचनाओं में शरण लिए हुए थे।
अधिकारियों के अनुसार, कोठूरु गांव में एक शेड के अचानक ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, गंपालापल्ली गांव में हुई एक अन्य घटना में भी एक पुरानी संरचना गिरने से दो और लोगों की जान चली गई।
घायलों में तीन लोगों को तुरंत इलाज के लिए करीमनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि असामान्य रूप से हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण कमजोर हो चुकी संरचनाएं गिर गईं।
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स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इसी बीच, पिछले सप्ताह तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक फार्मा संयंत्र में रिएक्टर विस्फोट की घटना भी सामने आई थी, जिसमें छह लोग घायल हुए थे। इनमें से एक की हालत गंभीर थी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, चित्याल के पास स्थित संयंत्र में दबाव बढ़ने के कारण यह विस्फोट हुआ। उस समय आठ लोग काम कर रहे थे, जिनमें से पांच को 10 से 15 प्रतिशत तक जलने की चोटें आईं, जबकि दो लोग सुरक्षित बच गए थे। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
इन घटनाओं ने राज्य में मौसम और औद्योगिक सुरक्षा दोनों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और राहत कार्य जारी हैं।
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