तेलंगाना नगर निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 511 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की है, जबकि भारत राष्ट्र समिति (BRS) को 283 सीटों पर जीत मिली। बुधवार को हुए मतदान में 73 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया और चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
राज्य के पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मतदान के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सकी। 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। 11 फरवरी को हुए इस चुनाव में 52 लाख से अधिक मतदाता 13,000 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए मैदान में उतरे थे।
इन चुनावों में राज्य के 32 जिलों की 116 नगरपालिकाओं के 2,582 वार्डों में मतदान हुआ। छह नगरपालिकाओं में चुनाव नहीं कराए गए क्योंकि उनका कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ था। पिछली बार 2020 में हुए नगर निकाय चुनावों में BRS (तब TRS) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने 1,767 वार्ड जीते थे। उस समय कांग्रेस को 580 वार्डों में जीत मिली थी, जबकि भाजपा ने 311 वार्ड जीते थे और AIMIM को 93 वार्ड मिले थे।
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इस बार के चुनाव में कांग्रेस की बढ़त को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे अक्सर राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं और आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए संकेत माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस की यह जीत शहरी क्षेत्रों में पार्टी की बढ़ती पकड़ को दर्शाती है, जबकि BRS के लिए यह परिणाम भविष्य की रणनीति पर पुनर्विचार का संकेत हो सकता है।
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