हैदराबाद, तेलंगाना में 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
राज्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदान के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इन स्थानीय निकाय चुनावों में कुल 52.17 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इनमें 25.50 लाख पुरुष मतदाता और 26.67 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक होने के कारण कई क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
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चुनाव मैदान में प्रमुख राजनीतिक दलों ने स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर प्रचार अभियान चलाया। शहरी विकास, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की गई। कांग्रेस जहां अपने विकास कार्यों के आधार पर समर्थन मांग रही है, वहीं बीजेपी और बीआरएस राज्य सरकार की नीतियों को मुद्दा बनाकर चुनावी मैदान में उतरे हैं।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखी गईं। चुनाव आयोग ने बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं।
मतगणना की तारीख की घोषणा पहले ही की जा चुकी है और परिणाम आने के बाद शहरी स्थानीय निकायों में नई प्रशासनिक संरचना का गठन होगा। इन चुनावों के नतीजे राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं।
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