बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को फिलहाल टाल दिया गया है। इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि बचे हुए शनिवारों को छुट्टी घोषित करने के मुद्दे पर विचार के लिए आईबीए और यूएफबीयू की एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित की जाएगी। यह समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी, संबंधित पक्षों से चर्चा करेगी और ऐसा समाधान निकालने का प्रयास करेगी, जो सभी हितधारकों और खासकर बैंक ग्राहकों के लिए स्वीकार्य हो।
बैठक में किन मुद्दों पर बनी सहमति?
स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के संबंध में आईबीए के साथ चर्चा शुरू करने पर सहमति बनी। यूनियनों और एसोसिएशनों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए योजना में बदलाव का प्रस्ताव सरकार के सामने रखने पर विचार किया जाएगा।
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इसके अलावा, 8 मार्च 2024 की बैठक के कार्यवृत्त में दर्ज बाकी लंबित मुद्दों पर दोनों पक्ष जल्द समाधान के लिए बातचीत करेंगे। इन सहमतियों के बाद यूएफबीयू ने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल के कार्यक्रम को स्थगित करने पर सहमति जताई।
ग्राहकों को क्या राहत?
हड़ताल टलने के बाद बैंक ग्राहक सामान्य बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, यूपीआई लेनदेन, नेट बैंकिंग और अन्य सेवाएं शामिल हैं।
क्या हैं बैंक यूनियनों की मांगें?
बैंक यूनियनें 2024 के वेतन समझौते के बाद से लंबित पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं। इसके अलावा पीएलआई में बदलाव, बेहतर पेंशन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की जगह पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी शामिल है।
केंद्र ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की थी और कहा था कि कई मांगों पर बातचीत तथा कल्याणकारी उपायों के जरिए काम किया जा चुका है। सरकार ने यह भी कहा था कि 28 से 30 सितंबर की हड़ताल छमाही खाता बंद होने के समय बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।
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