तमिलनाडु के तिरुप्पुर में निजी बसों द्वारा किराया बढ़ाने के आरोपों के बाद परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए बस ऑपरेटरों के साथ 7 जुलाई को बैठक बुलाई है। यह बैठक मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें बढ़े हुए किराए और यात्रियों की शिकायतों पर चर्चा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, ईरोड–कोयंबटूर और तिरुप्पुर–कोयंबटूर मार्गों पर चलने वाली निजी बसों के ऑपरेटरों पर आरोप है कि उन्होंने जुलाई की शुरुआत से ही प्रति टिकट ₹5 से ₹10 तक का किराया “एकतरफा” तरीके से बढ़ा दिया है। यह वृद्धि दूरी के आधार पर लागू की गई बताई जा रही है, लेकिन इसके लिए कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं ली गई।
इस मनमाने फैसले के खिलाफ आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को परिवहन विभाग के सामने उठाते हुए कहा है कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और छात्रों पर पड़ रहा है, जो रोजाना बड़ी संख्या में इन बस सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।
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स्थानीय संगठनों का कहना है कि बिना नियामक अनुमति के किराया बढ़ाना यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन है और इससे आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि परिवहन विभाग इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और किराया वृद्धि को वापस लिया जाए।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि बैठक में सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा।
फिलहाल, इस बैठक पर यात्रियों और सामाजिक संगठनों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर रोजमर्रा की यात्रा और स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है।
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