पश्चिम बंगाल के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने रविवार (5 जुलाई 2026) को एक बड़ा कदम उठाते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह SIT पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। देबराज चक्रवर्ती, पूर्व राजारहाट-गोपालपुर विधायक अदीति मुंशी के पति भी हैं।
पुलिस पर आरोप है कि देबराज चक्रवर्ती ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए ₹100 करोड़ से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की है। इस मामले की जांच अब SIT को सौंपी गई है, जिसका नेतृत्व एक डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे।
SIT में बागुईआटी थाने के थाना प्रभारी समेत कुल छह सदस्य शामिल किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टीम इस बात की जांच करेगी कि क्या देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ जबरन वसूली, जमीन हड़पने, संगठित अपराध और कई कंपनियों में संदिग्ध निवेश जैसे आरोप सही हैं या नहीं।
और पढ़ें: ममता बनर्जी का विपक्ष पर हमला: क्या तुम सोचते हो मैं मर चुकी हूँ? सीधे भाजपा में शामिल हो जाओ
यह भी जांच का विषय होगा कि उनकी घोषित आय और उनकी वास्तविक संपत्ति के बीच कितना बड़ा अंतर है। पुलिस ने कहा है कि सभी वित्तीय लेन-देन, संपत्ति रिकॉर्ड और व्यावसायिक गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी।
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने देबराज चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक तरुणज्योति तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर की गई थी, जिसमें दंपति पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के सबूत जुटाए जा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को तेज और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद बन गया है और आने वाले दिनों में इससे राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।
और पढ़ें: पश्चिम बंगाल के हल्दिया में नाफ्था पाइपलाइन में भीषण आग, 10 से अधिक घायल, कई घर क्षतिग्रस्त