पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में असंतोष और अंदरूनी मतभेदों की अटकलें तेज हो गई हैं। रविवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर बुलाई गई विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक उस समय रद्द करनी पड़ी, जब 80 में से केवल 20 विधायक ही बैठक में पहुंचे।
यह बैठक टीएमसी विधायक दल के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय द्वारा बुलाई गई थी। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद थी कि सभी विधायक चुनावी हार के बाद संगठनात्मक रणनीति और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए मौजूद रहेंगे। हालांकि, बड़ी संख्या में विधायकों की अनुपस्थिति के कारण बैठक स्थगित कर दी गई।
टीएमसी ने इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर असंतोष से जोड़ने से इनकार किया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हाल ही में पार्टी नेताओं पर हुए हमलों के बाद कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं की मदद में व्यस्त थे।
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उन्होंने बताया कि अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले और उसके बाद कल्याण बनर्जी के साथ हुई घटना के कारण जमीनी स्तर पर तनाव का माहौल है। ऐसे में कई विधायक स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे और उन्होंने पहले ही बैठक में शामिल न हो पाने की सूचना दे दी थी।
टीएमसी का आरोप है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन आरोपों को खारिज किया है। भाजपा ने पलटवार करते हुए दावा किया है कि अभिषेक बनर्जी पर हमले के आरोपियों का संबंध पूर्व टीएमसी नेताओं से रहा है।
फिलहाल, दोनों घटनाओं की जांच जारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने बैठक में पहुंचे विधायकों के साथ अनौपचारिक चर्चा की और जल्द ही नई तारीख पर बैठक आयोजित की जाएगी इसके बारे में जानकारी दी।
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