पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह एक सप्ताह के भीतर टीएमसी के तीसरे सांसद का इस्तीफा है, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष और गहराता दिख रहा है।
इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। प्रकाश चिक बड़ाइक अब अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को सुबह 11 बजे सौंपेंगे।
अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने लिखा कि वे तत्काल प्रभाव से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं और अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभापति और सदन के सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हैं।
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इस इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी की ताकत घटकर अब 10 सांसदों की रह गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी में असंतोष यहीं खत्म नहीं हो रहा है और अगले एक सप्ताह में तीन और सांसद इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे टीएमसी के लिए संकट और गहरा सकता है।
प्रकाश चिक बड़ाइक ने कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता की राय का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा, “समय बताएगा।”
प्रकाश चिक बड़ाइक पश्चिम बंगाल के प्रमुख आदिवासी नेता माने जाते हैं। वे सिलीगुड़ी क्षेत्र से जुड़े हैं और अलीपुरद्वार जिले के निवासी हैं। उन्हें अगस्त 2023 में टीएमसी के टिकट पर बिना विरोध राज्यसभा के लिए चुना गया था। वे संसद में चाय बागान मजदूरों, उनके अधिकारों, पीएफ और सामाजिक योजनाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं।
टीएमसी में यह संकट केवल राज्यसभा तक सीमित नहीं है। हाल ही में कई विधायकों द्वारा नेतृत्व के खिलाफ बगावत और विपक्षी नेता के चयन को लेकर असहमति ने भी पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े किए हैं।
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