तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पश्चिम बंगाल की छवि को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए हालिया बयान राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले हैं और इससे राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की तथाकथित “डबल इंजन” नीति वास्तव में विकास के बजाय नफरत और विभाजन की राजनीति पर आधारित है। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल ने हमेशा सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक सद्भाव और गरिमा की राजनीति को प्राथमिकता दी है, जबकि केंद्र की भाषा और रवैया इसके विपरीत है।
पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के बयान राज्य के लोगों का अपमान है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचता है। टीएमसी नेताओं का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी लाभ के लिए दिए जाते हैं और इनका वास्तविक मुद्दों से कोई संबंध नहीं है।
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वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री केवल राज्य की वास्तविक स्थिति को सामने रख रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि “डबल इंजन” सरकार विकास को गति देने का एक मॉडल है, जिसका उद्देश्य राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप चुनावों के मद्देनजर तेज हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह टकराव पहले भी देखा गया है और आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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