अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर “लगभग पूरा नियंत्रण” हो गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था “पूरी तरह ढह रही है”।
ट्रंप ने यह बयान अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर नए हवाई हमले किए जाने के कुछ घंटे बाद दिया। उन्होंने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान पर किसी समझौते के लिए दबाव बनाने में कोई रुचि नहीं रखते।
उन्होंने कहा कि वह मौजूदा स्थिति को प्राथमिकता देते हैं, जिसमें अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान “अनिवार्य स्थिति” की ओर बढ़ रहा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधे ईरानी जनता से भी अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील करते हुए सवाल किया कि ईरान के लोग कब उठकर संघर्ष करेंगे।
ट्रंप का यह बयान ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद आया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत चार डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा बढ़कर पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसकी मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंता रही।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि अमेरिकी हमलों से इस रणनीतिक जलमार्ग पर दबाव और बढ़ेगा।
ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान को खाड़ी के रास्ते अपना तेल निर्यात करने से रोका गया, तो किसी अन्य देश को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वहीं, ट्रंप ने ईरान के साथ तत्काल किसी नए युद्धविराम की संभावना को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ईरान को पहले ही पर्याप्त मौके दिए जा चुके हैं और अब किसी समझौते पर भरोसा करना मुश्किल है।
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