अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते थे कि वह भारत द्वारा रूसी तेल खरीदे जाने से खुश नहीं हैं और अमेरिका भारत पर “बहुत जल्दी” टैरिफ बढ़ा सकता है। ट्रंप ने यह बयान रविवार (4 जनवरी, 2026) को फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
ट्रंप ने कहा, “वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे आदमी हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना उनके लिए जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।”
राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब उनके साथ एयर फोर्स वन में मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि भारत पर लगाए गए टैरिफ ही “मुख्य कारण” हैं, जिनकी वजह से भारत अब रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है।
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लिंडसे ग्राहम ने अपने प्रस्तावित टैरिफ विधेयक का भी जिक्र किया, जिसमें रूसी तेल खरीदने वाले देशों से आयात पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ग्राहकों पर दबाव बनाना जरूरी है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंध रूस को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं और इसी संदर्भ में उन्होंने भारत का उल्लेख किया। इस पर ग्राहम ने कहा कि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया।
ग्राहम ने आगे कहा, “मैं करीब एक महीने पहले भारतीय राजदूत के घर गया था और वह बस यही बात करना चाहते थे कि भारत रूसी तेल कम खरीद रहा है। उन्होंने मुझसे कहा, ‘क्या आप राष्ट्रपति से भारत पर लगाए गए टैरिफ को हटाने के लिए कह सकते हैं?’”
इन बयानों से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और ऊर्जा नीति को लेकर नई बहस तेज हो गई है।
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