अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दे दिया। 45 वर्षीय तुलसी गबार्ड ने अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उनके पति अब्राहम एक दुर्लभ हड्डी के कैंसर से जूझ रहे हैं और आने वाले समय में उन्हें गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में वह अपने पति के साथ रहकर उनका समर्थन करना चाहती हैं।
तुलसी गबार्ड ने अपने पत्र में लिखा कि अब्राहम ने शादी के 11 वर्षों के दौरान हर कठिन समय में उनका साथ दिया। उन्होंने पूर्वी अफ्रीका में संयुक्त विशेष अभियान मिशन, राजनीतिक अभियानों और सरकारी सेवा के दौरान हमेशा उनका समर्थन किया। गबार्ड ने कहा कि वह इस कठिन लड़ाई में अपने पति को अकेला नहीं छोड़ सकतीं।
उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें देश की सेवा करने का सम्मान मिला। गबार्ड ने भरोसा दिलाया कि वह पद छोड़ने से पहले सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाएंगी ताकि प्रशासन के कामकाज पर कोई असर न पड़े।
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तुलसी गबार्ड डेमोक्रेट सांसद रह चुकी हैं। ट्रंप के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद फरवरी में उन्हें राष्ट्रीय खुफिया निदेशक बनाया गया था। वह अमेरिका की आठवीं डीएनआई थीं।
हालांकि, रिपोर्टों में दावा किया गया कि ईरान पर हमले को लेकर गबार्ड और ट्रंप के बीच मतभेद बढ़ रहे थे। मार्च में उन्होंने ईरान युद्ध का खुलकर समर्थन करने से भी परहेज किया था। सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी में दिए बयान में गबार्ड ने कहा था कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने परमाणु क्षमता दोबारा विकसित करने की कोई नई कोशिश नहीं की है। यह बयान ट्रंप के दावों से अलग माना गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने गबार्ड के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में शानदार काम किया। उन्होंने गबार्ड के पति के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
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