केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी, 2026) को संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। यह भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार हुआ है जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। बजट 2026 में सरकार ने भारत को वैश्विक डिजिटल हब बनाने की दिशा में एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि भारत के डेटा सेंटर का उपयोग कर क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट प्रदान किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य देश में डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। इससे भारत में क्लाउड और डेटा सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
बजट भाषण के दौरान सीतारमण ने यह भी प्रस्ताव रखा कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों को ‘क्रिटिकल मिनरल फैसिलिटीज’ स्थापित करने में केंद्र सरकार का सहयोग मिलेगा। यह पहल रणनीतिक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए की जा रही है।
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इसके अलावा, वित्त मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देने के लिए सेल्फ रिलायंस इंडिया फंड में वित्त वर्ष 2026-27 में ₹4,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि देने का प्रस्ताव रखा। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को पूंजी उपलब्धता में राहत मिलने की संभावना है।
इससे पहले, 29 जनवरी 2026 को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में चालू वित्त वर्ष के लिए 7.4% की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान जताया गया था। वहीं, 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। सरकार को उम्मीद है कि बजट के प्रस्ताव वैश्विक व्यापार तनावों के बीच अर्थव्यवस्था को स्थिरता और मजबूती प्रदान करेंगे।
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