उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने शनिवार को कानपुर में बकर खान और उनकी बहन उरूज फातिमा को हिरासत में लिया। दोनों से पाकिस्तान से कथित संपर्क और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान से जुड़े संदिग्धों की संख्या अब चार बताई जा रही है। यूपी एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही हैं।
इससे पहले कर्नाटक में मोहम्मद समीर और सलमान को हिरासत में लिया गया था। दोनों पर पाकिस्तान और कथित तौर पर आईएसआईएस से संबंध होने के संदेह में जांच चल रही है।
पिछले महीने यूपी एटीएस ने बलरामपुर जिले से 29 वर्षीय शाहरेज अहमद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए कथित तौर पर काम करने के संदेह में गिरफ्तार किया था। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने भी उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की थी।
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एटीएस के अनुसार, अहमद मुंबई में कढ़ाई का काम करता था और फेसबुक तथा सिग्नल जैसे माध्यमों के जरिए कथित रूप से आईएसआई के एजेंटों के संपर्क में आया था। उस पर आतंकी गतिविधियों की साजिश में शामिल होने और राजस्थान के श्रीगंगानगर से हथियार तथा विस्फोटक जुटाने की जिम्मेदारी मिलने का आरोप है। मामले में लखनऊ स्थित एटीएस थाने में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई जारी है।
वहीं, यूपी एटीएस ने पिछले महीने फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कर विदेशी नागरिकों के लिए आधार और अन्य पहचान पत्र बनवाने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया था। इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी सद्दाम को गिरफ्तार किया गया था।
एटीएस के मुताबिक, गिरोह जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और स्कूल प्रमाणपत्र जैसे फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी, नेपाली और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड बनवाता था। जांच में अधिकृत आधार ऑपरेटर आईडी के दुरुपयोग और वीपीएन तथा रिमोट एक्सेस के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। इस मामले में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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