उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वीं संशोधन) बिल के विफल होने के बाद विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। यह बिल दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में असफल रहा, जिसमें 298 सदस्यों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को महिलाओं के खिलाफ साजिश बताते हुए विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को रोकने के लिए बिल को विफल करने की साजिश की। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) देश में महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (SP) पर भी हमला बोला और मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग को संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख किया, जिन्होंने धार्मिक आधार पर आरक्षण के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष की गतिविधियों को द्रौपदी के 'चीरहरण' से जोड़ते हुए कहा कि विपक्ष का आचरण और उनके अपमानजनक बयान किसी से छिपे नहीं हैं।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रणा देवी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए 17 अप्रैल को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक 'काले दिन' के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक की विफलता ने देशभर में लाखों महिलाओं के विश्वास को तोड़ा है।
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