उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम वेतन में 21 प्रतिशत तक की अंतरिम बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह फैसला गौतम बुद्ध नगर जिले में हुए हालिया मजदूर विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है। नई वेतन दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और पूरे राज्य में प्रभावी रहेंगी, हालांकि सबसे अधिक बढ़ोतरी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में की गई है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल मजदूरों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल मजदूरों का वेतन 12,445 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये और कुशल मजदूरों का वेतन 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया है।
नगर निगम वाले जिलों में अकुशल मजदूरों का वेतन अब 13,006 रुपये, अर्धकुशल का 14,306 रुपये और कुशल मजदूरों का 16,025 रुपये कर दिया गया है। अन्य जिलों में भी वेतन में वृद्धि की गई है, जहां अकुशल मजदूरों को 12,356 रुपये, अर्धकुशल को 13,591 रुपये और कुशल मजदूरों को 15,224 रुपये मिलेंगे।
और पढ़ें: बिहार में बड़ा राजनीतिक बदलाव, नीतीश कुमार आज देंगे इस्तीफा
सरकार ने स्पष्ट किया कि 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरें भ्रामक हैं। केंद्र सरकार श्रम संहिता के तहत राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने पर काम कर रही है।
यह घोषणा नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 63 में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद आई है, जहां कुछ जगहों पर हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुई थीं। प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने कहा कि यह कदम मजदूरों और उद्योगों के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है और भविष्य में वेतन में और बदलाव संभव हैं।
और पढ़ें: नोएडा में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, वेतन वृद्धि और साप्ताहिक अवकाश पर सरकार से बातचीत जारी