उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 11 सीटों में से छह पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को चार सीटों पर सफलता मिली है। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना जारी रहने के दौरान सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए हैं। यह मुकाबला अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि, विधान परिषद की इन सीटों पर स्नातक और शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए इन नतीजों को विधानसभा चुनाव के संभावित परिणामों का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता।
वाराणसी में आशुतोष सिन्हा की बढ़त बरकरार
वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा और बीजेपी के केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबला जारी है। आठवें दौर की पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद सिन्हा को 47,450 वोट मिले थे, जबकि सिंह को 31,189 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह सिन्हा 16,261 मतों से आगे थे।
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नौवें दौर के बाद सिन्हा के वोट बढ़कर 50,462 हो गए, जबकि केदारनाथ सिंह को 33,472 वोट मिले। इसके साथ ही सपा उम्मीदवार की बढ़त बढ़कर 16,990 वोट हो गई।
छठे दौर में सिन्हा को 35,086 और सिंह को 23,253 वोट मिले थे। मतगणना के लिए 14 काउंटर बनाए गए हैं और पहली वरीयता के मतों की गिनती एक-एक हजार के समूह में की जा रही है।
बीजेपी और सपा के विजेता
बीजेपी के घोषित विजेताओं में मेरठ स्नातक सीट से दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी, आगरा स्नातक सीट से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों शामिल हैं।
सपा के विजेताओं में वाराणसी शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव, आगरा शिक्षक सीट से डॉ. आकाश अग्रवाल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से डॉ. मान सिंह यादव शामिल हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबला
इन नतीजों से दोनों दलों के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रदर्शन की तस्वीर सामने आई है। बीजेपी ने अब तक छह सीटें जीती हैं, जबकि सपा चार सीटों पर विजयी रही है और वाराणसी स्नातक सीट पर आगे चल रही है। विधानसभा चुनाव में व्यापक मतदाता समूह की भागीदारी के कारण इन नतीजों को उसी चुनाव का निर्णायक संकेत नहीं माना जा सकता।
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