उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को दो सीटें मिली हैं। चुनाव पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कराए गए थे। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को बीजेपी और सपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
उपलब्ध नतीजों के अनुसार, छह उम्मीदवारों को विजेता घोषित किया गया है। इनमें एक स्नातक और पांच शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार शामिल हैं। बीजेपी ने मेरठ स्नातक सीट के साथ तीन शिक्षक सीटों पर जीत हासिल की, जबकि सपा ने वाराणसी और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की।
जीतने वाले उम्मीदवारों की सूची
बीजेपी के दिनेश कुमार गोयल ने मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की। पार्टी के श्रीचंद शर्मा मेरठ शिक्षक सीट, डॉ. हरि सिंह ढिल्लों बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट और उमेश द्विवेदी लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी घोषित हुए।
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वहीं, सपा के लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और डॉ. आकाश अग्रवाल ने आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की।
शेष पांच सीटों पर मतगणना के दौरान दोनों दलों के उम्मीदवार आगे चल रहे थे। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह, झांसी स्नातक सीट पर डॉ. मान सिंह यादव और वाराणसी स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए थे।
बीजेपी के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और ध्रुव कुमार त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आगे चल रहे थे। इन पांच सीटों के अंतिम परिणाम आने के बाद चुनाव की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
चुनाव से पहले बीजेपी के पास 11 में से छह सीटें थीं, जबकि सपा के पास तीन सीटें थीं। आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीटें निर्दलीय सदस्यों के पास थीं।
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