उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने परिवहन कर ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कमर्शियल वाहनों के लिए वन-टाइम टैक्स (One-Time Tax) प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था को समझाने और वाहन मालिकों की शंकाओं का समाधान करने के लिए 20 और 21 फरवरी 2026 को राज्य के सभी जिला आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में बड़े पैमाने पर ट्रांसपोर्ट मेले आयोजित किए जाएंगे।
इन मेलों का उद्देश्य वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को नई टैक्स व्यवस्था के बारे में जानकारी देना और मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान करना है। अधिकारी टैक्स की गणना, भुगतान प्रक्रिया, समयसीमा, वाहन पंजीकरण, वाहन श्रेणी में बदलाव और टैक्स समायोजन जैसे मुद्दों पर मार्गदर्शन देंगे।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने सभी वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे इन मेलों में भाग लें और नई डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाएं। यह प्रणाली अब वाहन पोर्टल पर लाइव है, जिससे ऑनलाइन भुगतान और प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
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हाल ही में उत्तर प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1997 की धारा 4 में संशोधन कर कई सार्वजनिक सेवा और व्यावसायिक वाहनों को वन-टाइम टैक्स के दायरे में लाया गया है। इसमें दोपहिया, तीन पहिया मोटर कैब, 10 लाख रुपये तक और उससे अधिक कीमत वाली मोटर कैब, मैक्सी कैब, निर्माण उपकरण, विशेष प्रयोजन वाहन, 3,000 किलोग्राम तक और 3,000–7,500 किलोग्राम तक के माल वाहन और राज्य परिवहन सार्वजनिक सेवा वाहन शामिल हैं।
यह नई प्रणाली बार-बार टैक्स भुगतान की जटिल प्रक्रिया को खत्म कर एकमुश्त शुल्क के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने का प्रयास है। साथ ही, इन मेलों में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस जांच से जुड़े मुद्दों का भी मौके पर समाधान किया जाएगा। यह पहल डिजिटल और सरल कर व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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