अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के उद्देश्य से डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट (डीपीए) के तहत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुनर्प्राप्त किए जा सकने वाले महत्वपूर्ण खनिजों और सामग्रियों (क्रिटिकल मिनरल्स एंड मैटेरियल्स - सीएमएम) पर नियंत्रण को और सख्त कर दिया है। इस निर्णय के तहत अमेरिकी वाणिज्य विभाग को आवश्यकता पड़ने पर इन महत्वपूर्ण सामग्रियों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार प्राप्त होगा, ताकि घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा वाणिज्य सचिव को जारी राष्ट्रपति संबंधी निर्धारण (प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन) में कहा गया है कि पुनर्प्राप्त किए जा सकने वाले महत्वपूर्ण खनिज और सामग्री अमेरिका की रक्षा क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक औद्योगिक संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भरता अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम बनती जा रही है।
निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका में इन खनिजों की सीमित उपलब्धता और विदेशी स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता के कारण आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए देश के लिए इन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल कदम उठाना आवश्यक है।
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व्हाइट हाउस की ओर से जारी तथ्य पत्रक के अनुसार, डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के तहत वाणिज्य सचिव को आवश्यक नियम, दिशा-निर्देश और प्रक्रियाएं जारी कर इस आदेश को लागू करने का अधिकार दिया गया है। यह आदेश फेडरल रजिस्टर में भी प्रकाशित किया जाएगा।
सरकार ने बताया कि अमेरिका के पास पहले से ही स्थायी चुंबक, लिथियम-आयन बैटरियों और अन्य तकनीकी उत्पादों में बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण खनिज मौजूद हैं। जब ये उत्पाद अपने उपयोगी जीवनकाल के अंत तक पहुंचते हैं, तब उनमें से मूल्यवान खनिजों को पुनः प्राप्त कर पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के माध्यम से औद्योगिक उपयोग में लाया जा सकता है। नए निर्णय में इसी प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि ये खनिज ऊर्जा, परिवहन, संचार और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचना क्षेत्रों के सुरक्षित संचालन के लिए अनिवार्य हैं। साथ ही, उन्नत रक्षा प्रणालियों, उच्च प्रदर्शन वाले सैन्य उपकरणों, आधुनिक हथियारों और रक्षा उत्पादन श्रृंखला में इनका व्यापक उपयोग होता है। इसलिए इनकी निर्बाध उपलब्धता राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट की धारा 101 के अंतर्गत राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी निर्धारित किया कि इन महत्वपूर्ण सामग्रियों की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति नागरिक बाजार की सामान्य आपूर्ति व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किए बिना नहीं की जा सकती। ऐसे में सरकार के हस्तक्षेप को आवश्यक माना गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम अमेरिका के औद्योगिक आधार को पुनर्जीवित करने और रक्षा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। मार्च 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने घरेलू खनिज उत्पादन बढ़ाने, खनन परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसके बाद अप्रैल 2025 में रक्षा खरीद प्रणाली के आधुनिकीकरण और रक्षा उद्योग में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक अन्य कार्यकारी आदेश भी जारी किया गया।
वर्तमान समय में महत्वपूर्ण खनिज वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख विषय बन चुके हैं। इनका उपयोग रक्षा तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है। चूंकि कई दुर्लभ मृदा तत्वों और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण पर चीन का महत्वपूर्ण नियंत्रण है, इसलिए अमेरिका और उसके सहयोगी देश वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत विकसित करने और घरेलू उत्पादन एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहे हैं।
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