विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी मामले पर विस्तार से बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
आलोक कुमार ने बताया कि ट्रस्ट ने अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी का गठन कराया और खुद से पूछताछ शुरू कराई गई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू की और जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने चंपत राय के इस्तीफे पर कहा कि उन्होंने यह कदम स्वयं उठाया है और उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था। आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय ने चार बड़े कदम उठाए, जिनमें जांच शुरू कराना और एसआईटी गठित कराना शामिल है।
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आलोक कुमार ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उनके यहां खुद जवाबदेही की परंपरा नहीं रही है। उन्होंने कई राजनीतिक मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दूसरों पर सवाल उठाना आसान है लेकिन अपने मामलों में जवाब देना मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि चढ़ावे से जुड़ी चोरी का सही आंकड़ा जांच के बाद ही सामने आएगा और बिना आधार के हजारों करोड़ की चोरी के दावे गलत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में एफआईआर होनी चाहिए।
आलोक कुमार ने कहा कि ट्रस्ट ने कार्रवाई करते हुए करीब 80 लाख रुपये और कुछ सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य सभी गड़बड़ियों को दूर कर राम मंदिर व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाना है।
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