टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) को जीएसटी से जुड़े एक मामले में बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने गुरुवार (1 जनवरी 2026) को बताया कि उसे केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के अतिरिक्त आयुक्त, अहमदाबाद कार्यालय से लगभग ₹638 करोड़ का जुर्माना आदेश प्राप्त हुआ है।
कंपनी ने अपने वैधानिक फाइलिंग में स्पष्ट किया कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। यह आदेश ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले ही वोडाफोन आइडिया को अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया को लेकर केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली थी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (31 दिसंबर 2025) को कंपनी के AGR बकाया को फ्रीज करने, पांच साल की भुगतान मोहलत देने और सीमित AGR बकाया के पुनर्मूल्यांकन की अनुमति देने का फैसला किया था। इस फैसले को कर्ज में डूबी कंपनी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा था।
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बीएसई को दी गई सूचना में वोडाफोन आइडिया ने बताया कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 74 के तहत यह आदेश पारित किया गया है। आदेश में ₹6,37,90,68,254 की पेनल्टी के साथ-साथ टैक्स डिमांड और लागू ब्याज की पुष्टि की गई है।
कंपनी के अनुसार, यह मामला टैक्स के कथित कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के अधिक उपयोग से जुड़ा है। आदेश 31 दिसंबर को प्राप्त हुआ था।
वोडाफोन आइडिया ने कहा कि इस आदेश से अधिकतम वित्तीय प्रभाव टैक्स मांग, ब्याज और लगाए गए जुर्माने तक सीमित है। कंपनी का मानना है कि यह आदेश सही नहीं है और वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कानूनी विकल्प अपनाएगी।
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