मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी और उससे हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर राज्य शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की तथा इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस के कई विधायक और वरिष्ठ नेता ‘न्याय यात्रा’ निकालते हुए बड़ा गणपति चौराहे से राजवाड़ा चौराहे तक मार्च करते नजर आए। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने भागीरथपुरा क्षेत्र में हुए पेयजल त्रासदी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दूषित पानी के सेवन से फैले दस्त के कारण सात लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय निवासियों का दावा है कि मरने वालों की संख्या 17 तक पहुंच चुकी है। जिला प्रशासन ने 18 प्रभावित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
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न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में भाजपा सरकार ने इंदौर में विकास के नाम पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन भागीरथपुरा के लोगों को एक गिलास साफ पानी तक नहीं दे सकी। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से 21 मौतों के लिए माफी मांगने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले की जांच मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से कराने और सार्वजनिक सुनवाई की मांग की। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को भागीरथपुरा में दूषित पानी से मरे हिंदुओं की कोई चिंता नहीं है।
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