पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान प्रक्रिया जारी है, जिसमें अब तक 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। सात जिलों की 142 सीटों पर हो रहे इस चरण के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में 3.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है, जबकि कोलकाता में लगभग 35,000 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा करीब 2,550 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां राज्यभर में तैनात हैं। मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
इस चरण में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पहली बार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी गंभीर घटना या सुरक्षा खतरे से तुरंत निपटा जा सके।
और पढ़ें: लोकतंत्र बचाने की लड़ाई: महुआ मोइत्रा ने नादिया में वोट डाला, बंगाल में दूसरे चरण का मतदान शुरू
राजनीतिक रूप से यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला चर्चा में है। इसके अलावा राज्य सरकार के आठ मंत्री भी इस चरण में चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे राजनीतिक दांव और बढ़ गए हैं।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने कई क्षेत्रों में पुनर्मतदान (री-पोलिंग) की मांग की है, यह आरोप लगाते हुए कि कुछ जगहों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएं देखी गई हैं।
चुनाव आयोग ने नागरिकों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिससे वे चुनाव संबंधी किसी भी उल्लंघन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मतगणना 4 मई को की जाएगी, जिससे राज्य की राजनीतिक दिशा तय होने की उम्मीद है।
और पढ़ें: बंगाल चुनाव चरण-2 में मतदान शुरू, हावड़ा में EVM गड़बड़ी से हंगामा