पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) ने एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो जारी किया। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसमें टीएमसी, बीजेपी और आरएसएस की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीजेपी और आरएसएस से अच्छे संबंध हैं और वीडियो को जानबूझकर राजनीतिक लाभ के लिए वायरल किया गया है।
कबीर ने कहा कि 19 दिसंबर का वीडियो 8 अप्रैल को क्यों सामने लाया गया, यह सवाल उठाता है। उन्होंने कहा, “यह एक साजिश है और मैं इसका जवाब हाई कोर्ट में दूंगा।”
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इसी बीच राजनीतिक संकट और गहरा गया जब एआईएमआईएम (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन खत्म कर दिया। AIMIM ने कहा कि टीएमसी द्वारा जारी वीडियो में कथित 1000 करोड़ रुपये के सौदे का जिक्र किया गया था, जिससे समुदाय की छवि पर सवाल उठते हैं।
AIMIM ने यह भी कहा कि वह ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकता, जिससे मुस्लिम समुदाय की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। पार्टी ने पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्हें “सबसे गरीब और उपेक्षित वर्ग” बताया।
हालांकि हुमायूं कबीर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
इधर टीएमसी विधायक अरिंदम गुइन ने कबीर को “देशद्रोही” करार देते हुए उन पर बीजेपी के साथ मिलकर मुस्लिम वोटों को बांटने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
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