एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, जिन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है, भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। बुधवार को उन्हें अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया। यह निर्णय अयोध्या के मणिराम दास छावनी में महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
जितेंद्र मिश्रा जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को फ्लाइंग ब्रांच में पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट भी रहे तथा अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से प्रशिक्षण लिया।
अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल में वरिष्ठ टेस्ट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर, मिग-21 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चीफ टेस्ट पायलट, एयरक्राफ्ट अपग्रेड्स के निदेशक और सुखोई-30 एमकेआई बेस के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। उन्होंने एयर मुख्यालय में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के निदेशक के रूप में भी काम किया।
और पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका
पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहते हुए मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से सेवानिवृत्त किया गया। उनके कार्यकाल में परिचालन योजना, सुरक्षा, प्रशिक्षण और विभिन्न सैन्य अभ्यासों पर विशेष जोर रहा।
मिश्रा का संबंध उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपालपुरा से बताया जाता है। उनका परिवार मध्यमवर्गीय रहा है और उनके पिता व्याख्याता थे। जून में उन्हें फ्रांस में होने वाले बहुराष्ट्रीय गरुड़-4 वायु अभ्यास के लिए भारतीय वायुसेना दल का नेतृत्व करने के लिए भी चुना गया था।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्य
प्रशासनिक फेरबदल के तहत ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टियों की भी नियुक्ति की। इनमें अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।
मदन मोहन पांडेय अयोध्या के निवासी और पेशे से वकील हैं। निर्मला यादव लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हैं और बीडीएम डिग्री कॉलेज, शिकोहाबाद की पूर्व प्राचार्य हैं। महेश भागचंदका दिवंगत विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में अशोक सिंघल फाउंडेशन चलाते हैं। वर्ष 2020 में वह राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे थे।
और पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति बदली, पूर्व सेना प्रमुख नरवणे का बड़ा खुलासा