उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लोग धार्मिक आयोजनों में बाधा डालेंगे या जनता की सुरक्षा को खतरे में डालेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में 392 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद कहा कि राज्य में 2017 से पहले की तुलना में अब कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले अपराधियों और माफिया का बोलबाला था, लेकिन अब सरकार ने उनके खिलाफ सख्त अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित किया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो भी लोग रामलीला, रामनवमी, जन्माष्टमी और शिवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने की कोशिश करेंगे, उन्हें “रावण और कंस जैसी सजा” मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और व्यापारियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्होंने 2005 में मऊ में हुई सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की सरकारें अपराधी नेटवर्क पर कार्रवाई करने में विफल रहीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर माफिया को संरक्षण देने और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया।
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क निर्माण, पुल, पेयजल योजना, पुलिस ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों के लिए मुफ्त राशन, आवास योजना और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं के जरिए समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि घोसी चीनी मिल के विस्तार का प्रस्ताव विचाराधीन है और मऊ में पीपीपी मॉडल पर बन रहे मेडिकल कॉलेज का जल्द उद्घाटन किया जाएगा।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे “डबल इंजन सरकार” को समर्थन देते रहें ताकि विकास और सुरक्षा की गति और तेज हो सके।
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