कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद लहर सिंह सिरोया ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे से जनता को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।
लहर सिंह सिरोया ने कहा कि राज्य में चल रही राजनीतिक अस्थिरता से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के कारण प्रशासनिक कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
भाजपा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर बदलाव या इस्तीफे से जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं होगा, जब तक सरकार की नीतियों में पारदर्शिता और स्थिरता नहीं लाई जाती। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन राजनीतिक दल केवल सत्ता की खींचतान में व्यस्त हैं।
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लहर सिंह सिरोया ने यह भी कहा कि कर्नाटक में विकास परियोजनाएं धीमी गति से चल रही हैं और कई योजनाएं अधर में हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक विवादों को छोड़कर जनता के हित में काम करे।
वहीं, सत्ताधारी दल की ओर से अभी इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को और अधिक गरमा दिया है और विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है।
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