कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने के लिए ममता बनर्जी का आभार जताया। हालांकि, दीपके ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में औपचारिक रूप से शामिल नहीं होगी।
अभिजीत दीपके ने कहा कि सीजेपी एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संगठन है तथा अपनी अलग पहचान बनाए रखना चाहती है। हालांकि, वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले सभी संगठनों को पार्टी का समर्थन जारी रहेगा।
ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद दीपके ने बताया कि जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी के पहले आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं का समर्थन किया था। जब संगठन के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब भी ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी रही थीं।
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दीपके ने कहा कि सीजेपी रविवार के प्रदर्शन के साथ एकजुटता रखती है, लेकिन किसी राजनीतिक गठबंधन का औपचारिक हिस्सा नहीं बनेगी। संगठन का समर्थन इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आंदोलन करने वाला दल किस राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है।
ममता बनर्जी ने युवाओं की तारीफ की
ममता बनर्जी ने सीजेपी संस्थापक और युवा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं के संघर्ष पर गर्व जताया और उन्हें पश्चिम बंगाल आकर कार्यक्रम आयोजित करने का निमंत्रण भी दिया।
यह मुलाकात INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली से एक दिन पहले हुई। विपक्षी दल इस रैली में कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे।
रैली के लिए रामलीला मैदान में तैयारियां की गई हैं। विपक्षी दलों ने मिंटो रोड से मैदान तक ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकालने की योजना बनाई है। यह मार्च दोपहर 12 बजे शुरू होना निर्धारित है। इसमें छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और नागरिक संगठनों को भी आमंत्रित किया गया है।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है, लेकिन रैली में औपचारिक भागीदारी से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।
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