पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन और नौदा से विधायक हुमायूं कबीर रेजीनगर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। वह अपनी गाड़ी में कुर्सी लेकर थाने पहुंचे और मुख्य गेट के बाहर बैठकर विरोध जताया।
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार करने से रोका जा रहा है और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। उनका दावा है कि अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को प्रचार करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि एजेयूपी के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से उनके इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
धरने के दौरान कबीर ने पुलिस पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने रेजीनगर थाने के अधिकारियों को हटाने की मांग की। कबीर ने कहा कि जब तक मौजूदा अधिकारियों को हटाकर दूसरे अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक वह अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उपचुनाव के दिन भी धरना दिया जा सकता है।
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रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में कबीर ने रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़कर नौदा अपने पास रखी। एजेयूपी ने रेजीनगर से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।
इससे पहले हुमायूं कबीर ने पुलिस पर कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाते हुए जमीनी चुनाव प्रचार से दूरी बनाने की घोषणा की थी।
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