INDIA गठबंधन की एक रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि SIR का असली मतलब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ' यानी विशेष गहन राहत है।
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल इस SIR प्रक्रिया का पीड़ित राज्य बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के ज़रिए भाजपा को लाभ पहुँचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि आम नागरिकों, विशेषकर बंगाल के मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मंच से ममता बनर्जी ने CJP (सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस) और जेन-Z यानी युवा पीढ़ी को अपना समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो संगठन और समूह नागरिकों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा। युवा पीढ़ी यानी जेन-Z के प्रति अपने समर्थन का इज़हार करते हुए उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
और पढ़ें: मणिपुर के नोनी में प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच मुठभेड़ में तीन की मौत, कुकी इनपी मणिपुर ने की निंदा
INDIA गठबंधन की इस रैली में शामिल हुए नेताओं ने एक स्वर में चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की माँग की। ममता बनर्जी ने इस अवसर पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि SIR जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल विपक्षी दलों और आम जनता को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जबकि इसका दावा किया गया उद्देश्य मतदाता सूचियों को शुद्ध करना है।
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, और ममता बनर्जी की इस रैली में की गई टिप्पणियों से यह विवाद और गहरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और INDIA गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर इस मुद्दे पर आवाज़ उठाते रहेंगे और बंगाल के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
रैली में मौजूद INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। इस रैली को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनज़र महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि INDIA गठबंधन के घटक दल मिलकर भाजपा के खिलाफ एक संयुक्त रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
और पढ़ें: जर्मनी में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, फ्रैंकफर्ट में दुकानों में लूटपाट