चंडीगढ़: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष परगट सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। जालंधर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए परगट सिंह ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी अपने बेटे को खोने का असहनीय दर्द सहते हुए भी पंजाब में इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उनके साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए परगट सिंह ने कहा कि भीम सिंह फौजी का संघर्ष पूरे पंजाब में न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा, "उस पिता के दर्द को कौन समझ सकता है जिसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, और जो कई दिनों से अपने बेटे के शव के साथ बैठकर न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है?"
परगट सिंह ने कहा कि इतनी बड़ी व्यक्तिगत त्रासदी झेलने के बावजूद भीम सिंह फौजी अद्भुत साहस के साथ पंजाब के हितों के लिए आवाज उठा रहे हैं, जो सराहना के योग्य है। उन्होंने बताया कि भीम सिंह फौजी लोगों से पंजाब की सांप्रदायिक एकता बनाए रखने की अपील कर रहे हैं और हिंदू समुदाय के लोगों से अपने त्योहार मनाने का आग्रह भी कर चुके हैं, जो उनकी उदारता और पंजाब के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
और पढ़ें: पंजाब में बीजेपी से गठबंधन के संकेत, सुखबीर बादल बोले- आप और कांग्रेस मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि दूसरी ओर, पंजाब सरकार नशीली दवाओं की बिक्री रोकने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परमिंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद ही सरकार ने जल्दबाजी में कुछ केमिस्टों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और उनकी दुकानें बंद करने के आदेश दिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने पहले गंभीरता से कार्रवाई क्यों नहीं की, और कहा कि अगर समय रहते कदम उठाए जाते तो ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता था। परगट सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार पर नियंत्रण में नाकाम रहने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब विधानसभा में न्याय की मांग पर चर्चा करने के बजाय आम आदमी पार्टी की सरकार वहां भी जवाबदेही से भाग खड़ी हुई। उन्होंने बताया कि विधानसभा सत्र का पहला दिन महज नौ मिनट में समाप्त कर दिया गया, जो साफ दर्शाता है कि सरकार जनहित के गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही से बचना चाहती है। परगट सिंह ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी परमिंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक हर संभव प्रयास जारी रखेगी।
और पढ़ें: भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन ने सीबीआई की छापेमारी को दी चुनौती, हाईकोर्ट में याचिका दायर