राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने एक बार फिर अपनी पार्टी के दूसरे गुट के साथ विलय और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी अन्य दल के साथ नहीं जाएगी, बल्कि संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देगी।
सोमवार को मुंबई स्थित अपने आवास ‘सिल्वर ओक’ में पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सांसद शरद पवार ने कहा कि NCP (शरदचंद्र पवार) एक ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टी है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी पार्टी का समर्थन करना चाहते हैं, उन्हें केवल साथ आने के बजाय पार्टी में शामिल होना चाहिए।
शरद पवार ने कहा, “हमारी पार्टी को लेकर कुछ चर्चाएं चल रही हैं। चर्चा इस बात पर है कि मेरे नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। अगर कोई हमारे साथ आना चाहता है तो उसे केवल हमारे करीब नहीं आना चाहिए, बल्कि पार्टी में शामिल होना चाहिए। हम किसी के साथ नहीं जाएंगे और अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे।”
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NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलें
NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर पिछले कई महीनों से राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इससे पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि शरद पवार का गुट BJP नेतृत्व वाले NDA में शामिल हो सकता है। अटकलों के मुताबिक, पहले शरद पवार गुट का सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले गुट के साथ विलय और फिर NDA में शामिल होने की संभावना जताई गई थी।
जुलाई में शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला था। हालांकि, बाद में पवार ने स्पष्ट किया था कि यह मुलाकात NEET पेपर लीक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से संबंधित थी।
उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है और उन्होंने अभिजीत दिपके समेत प्रदर्शन कर रहे युवाओं से भी बातचीत के लिए तैयार रहने को कहा था।
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