पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
मामला तब सामने आया जब बैद्यनाथ पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था। इस आरोप को उन्होंने पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। बैद्यनाथ ने कहा कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठे बयान दिए जा रहे हैं।
उन्होंने एक पत्र में ममता बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी, सुगाता रॉय, महुआ मोइत्रा और सोनाली गुहा को संबोधित करते हुए सार्वजनिक माफी और बयान वापस लेने की मांग की है। बैद्यनाथ ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे, जिसमें मानहानि का केस भी शामिल होगा।
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उन्होंने सोनाली गुहा के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि वह और उनकी मां काकोली नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं। बैद्यनाथ ने इन दावों को “पूरी तरह झूठा” बताया।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब टीएमसी के भीतर पहले से ही असंतोष और बगावत के संकेत मिल रहे हैं। काकोली घोष दस्तीदार खुद लोकसभा में बागी गुट का नेतृत्व कर रही हैं और 18 सांसदों के समर्थन की बात सामने आई है।
हाल ही में पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल भी किया गया है। युवा मोर्चा की जिम्मेदारी सायोनी घोष को दी गई है, जबकि महिला विंग की अध्यक्ष अलिफा अहमद को बनाया गया है।
इसी बीच सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के भी बागी गुट से जुड़ने की खबरों ने पार्टी की परेशानी और बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि ममता बनर्जी इस अंदरूनी राजनीतिक संकट से कैसे निपटती हैं।
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