दिवाली का त्योहार नज़दीक है और बाज़ारों में खरीदारी की रौनक तेज़ हो गई है। ऐसे समय में जब अधिकतर लोग नकद के बजाय डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI के ज़रिए दुकानों पर भुगतान करना आम बात हो गई है। हालांकि, कई बार देखा गया है कि कुछ दुकानदार UPI से भुगतान करने पर ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की कोशिश करते हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
स्पष्ट किया गया है कि किसी भी दुकान पर UPI के माध्यम से भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। यानी अगर कोई व्यापारी UPI पेमेंट पर कन्वीनियंस फीस, हैंडलिंग चार्ज या किसी अन्य नाम से पैसे मांगता है, तो यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। त्योहारी सीज़न में खरीदारी के दौरान यह जानकारी उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान बाज़ारों में भीड़भाड़ और लेन-देन दोनों बढ़ जाते हैं।
UPI भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है और छोटे-बड़े सभी व्यापारी इसे स्वीकार करते हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा संचालित इस प्रणाली ने नकद लेन-देन की निर्भरता को काफी हद तक कम कर दिया है। ग्राहक अपने मोबाइल फोन से सीधे दुकानदार के खाते में भुगतान कर सकते हैं, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं होती और न ही इसके लिए कोई शुल्क देय होता है।
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दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान बाज़ारों में भारी भीड़ उमड़ती है और इस दौरान कुछ दुकानदार या विक्रेता जानकारी के अभाव में या जानबूझकर ग्राहकों से अतिरिक्त राशि वसूलने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगर किसी दुकान पर UPI भुगतान के बदले अतिरिक्त पैसे मांगे जाएं, तो ग्राहक इसका विरोध कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उन्हें केवल सामान या सेवा की वास्तविक कीमत ही चुकानी पड़े।
उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी होना इस त्योहारी सीज़न में और भी ज़रूरी हो जाता है, जब खरीदारी की मात्रा और लेन-देन की संख्या दोनों बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक है कि उपभोक्ताओं को इस तरह के अनुचित शुल्कों से बचाया जाए, ताकि वे बिना किसी झिझक के UPI जैसे सुरक्षित और सुविधाजनक माध्यमों का उपयोग कर सकें। दिवाली की खरीदारी के दौरान यह जागरूकता ग्राहकों को आर्थिक नुकसान से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
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