भारतीय स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने इतिहास रचते हुए विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। 18 वर्षीय अनाहत ने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में खेले गए गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में मिस्र की रुकय्या सलेम को हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। उनकी इस जीत के साथ महिला वर्ग में मिस्र का 13 वर्षों से चला आ रहा दबदबा भी समाप्त हो गया।
टॉप सीड अनाहत सिंह ने फाइनल मुकाबले में शानदार संयम और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए रुकय्या सलेम को मात दी। उनकी यह जीत भारतीय स्क्वैश इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। इससे पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब नहीं जीत सका था।
13 मार्च 2008 को नई दिल्ली में जन्मीं अनाहत सिंह पिछले कुछ वर्षों से भारतीय स्क्वैश की सबसे उभरती हुई खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। वह द ब्रिटिश स्कूल, नई दिल्ली की छात्रा हैं और वर्ष 2023 में पेशेवर स्क्वैश खिलाड़ी बनीं। उन्होंने भारत के पूर्व दिग्गज स्क्वैश खिलाड़ी सौरव घोषाल के साथ-साथ स्टीफन गैलीफी और ग्रेगरी गॉल्टियर से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
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कम उम्र में ही अनाहत कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने 2025 स्क्वैश विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता, कई एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किए, पीएसए यंग प्लेयर ऑफ द ईयर 2025 और चैलेंजर प्लेयर ऑफ द ईयर 2025 का सम्मान प्राप्त किया। फरवरी 2026 में उन्होंने विश्व रैंकिंग में करियर की सर्वश्रेष्ठ 19वीं रैंकिंग हासिल की।
अनाहत सिंह किशोरावस्था में ही राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह विश्व स्क्वैश चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाली सबसे युवा भारतीय महिला भी बनीं। उनकी ताजा सफलता ने उन्हें लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए भारत की सबसे मजबूत पदक उम्मीदों में शामिल कर दिया है, जहां पहली बार स्क्वैश को ओलंपिक खेलों में शामिल किया जाएगा।
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