कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कंपनी एंथ्रोपिक ने खुलासा किया है कि उसके एआई मॉडल क्लॉड ने साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान तीन कंपनियों के सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बना ली। कंपनी के अनुसार, परीक्षण वातावरण में हुई एक कॉन्फिगरेशन त्रुटि के कारण क्लॉड को इंटरनेट की पहुंच मिल गई, जबकि परीक्षण प्रणाली को पूरी तरह अलग और सुरक्षित रखा जाना था।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही प्रतिद्वंद्वी कंपनी ओपनएआई ने सुरक्षा परीक्षण के दौरान अपने एक स्वायत्त एआई एजेंट के नियंत्रण से बाहर होने और एआई कंपनी हगिंग फेस के बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुरक्षा घटना की जानकारी साझा की थी।
एंथ्रोपिक ने बताया कि परीक्षण के लिए बनाए गए पृथक वातावरण में गलत कॉन्फिगरेशन के कारण क्लॉड मॉडल सार्वजनिक इंटरनेट से जुड़ गया। इसके बाद उसने तीन अलग-अलग संगठनों के सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बना ली। कंपनी ने यह घटनाएं 1,41,006 परीक्षण सत्रों की समीक्षा के दौरान पहचान की।
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कंपनी के अनुसार, क्लॉड ने कमजोर पासवर्ड और बिना प्रमाणीकरण वाले एंडपॉइंट जैसी सामान्य साइबर तकनीकों का उपयोग कर संबंधित संगठनों के नेटवर्क में प्रवेश किया। इन घटनाओं में क्लॉड ओपस 4.7, क्लॉड मिथोस 5 और एक आंतरिक अनुसंधान मॉडल शामिल थे। शुरुआती घटनाएं अप्रैल में हुई थीं, जब मूल्यांकन वातावरण में आवश्यक सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं थे।
ये घटनाएं "कैप्चर-द-फ्लैग" नामक साइबर अभ्यास के दौरान हुईं, जिसमें एआई मॉडल को सिम्युलेटेड नेटवर्क में छिपी जानकारी खोजने का कार्य दिया जाता है। कंपनी ने बताया कि मॉडल को निर्देश दिया गया था कि उसे इंटरनेट उपलब्ध नहीं है, लेकिन मूल्यांकन साझेदार इर्रेगुलर के साथ हुई तकनीकी गलतफहमी के कारण सिस्टम सार्वजनिक इंटरनेट से जुड़ा रह गया।
एंथ्रोपिक ने कहा कि उसने 23 जुलाई से परीक्षण रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू की और उसी दिन सभी साइबर परीक्षण रोक दिए। 24 जुलाई तक तीनों घटनाओं की पहचान कर ली गई और 27 जुलाई को प्रभावित संगठनों को इसकी सूचना दी गई। कंपनी के अनुसार, तीन में से दो संगठन इस गतिविधि से पूरी तरह अनजान थे, जबकि तीसरे संगठन से संपर्क करने का प्रयास जारी है।
एंथ्रोपिक ने कहा कि यह घटना स्पष्ट करती है कि जैसे-जैसे एआई मॉडल अधिक सक्षम होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे आंतरिक और तृतीय-पक्ष परीक्षण वातावरण में अधिक मजबूत सुरक्षा नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है।
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