भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव का असर अब खेल जगत पर भी साफ दिखने लगा है। बांग्लादेश सरकार ने सोमवार (5 जनवरी 2026) को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सत्र के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया। यह फैसला तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स की 2026 टीम से बाहर किए जाने के बाद लिया गया है।
बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बीसीसीआई ने रहमान को रिलीज करने के फैसले के पीछे कोई “तार्किक कारण” नहीं बताया। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि इस निर्णय से बांग्लादेश की जनता आहत, दुखी और क्षुब्ध है। मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अगली सूचना तक आईपीएल के सभी मैचों और कार्यक्रमों का प्रसारण और टेलीकास्ट रोका जाए।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब आईपीएल का नया सत्र 26 मार्च से शुरू होने वाला है। इससे एक दिन पहले ही बांग्लादेश ने अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत यात्रा से इनकार कर दिया था और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से अनुरोध किया था कि उसके सभी लीग मुकाबले श्रीलंका में कराए जाएं, जो टूर्नामेंट का सह-मेजबान देश है।
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बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने मुस्ताफिजुर रहमान को रिलीज करने की घोषणा करते समय केवल इतना कहा था कि यह फैसला “चारों ओर हो रहे घटनाक्रमों” के कारण लिया गया है, लेकिन उन्होंने इसके पीछे की ठोस वजह स्पष्ट नहीं की।
भारत-बांग्लादेश संबंध उस समय से तनावपूर्ण हैं, जब पिछले वर्ष अगस्त में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद पद छोड़कर भारत आना पड़ा था। बाद में एक ट्रिब्यूनल ने उन्हें आंदोलन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हिंसक हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए हैं।
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