प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे से एक दिन पहले डेरा सचखंड बल्लां और जालंधर के दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यह धमकियां शनिवार (31 जनवरी 2026) को प्राप्त हुईं, जबकि प्रधानमंत्री रविवार (1 फरवरी 2026) को गुरु रविदास जयंती के अवसर पर डेरा बल्लां के दौरे पर जाने वाले हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे ईमेल दो स्कूलों को भेजे गए थे, लेकिन ईमेल के संदेश में सीधे तौर पर डेरा बल्लां को निशाना बनाने की बात कही गई थी। जैसे ही धमकी की जानकारी मिली, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। स्कूल परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया और बम निरोधक दस्तों को मौके पर बुलाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित स्कूलों में उस दिन अवकाश था, इसलिए वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जांच में किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। हालांकि, सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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पुलिस ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की सत्यता की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से और किसने भेजे। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
यह घटना हाल ही में सामने आए ऐसे ही मामलों की कड़ी में देखी जा रही है। इससे पहले बुधवार (28 जनवरी 2026) को चंडीगढ़ के कई स्कूलों को भी बम की धमकियां मिली थीं, हालांकि वहां भी जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया था। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और पटियाला (पंजाब) तथा हरियाणा के अंबाला में भी स्कूलों को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, जो बाद में अफवाह साबित हुई थीं।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
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