दिल्ली हाईकोर्ट ने ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की कथित हत्या के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और मुकदमे को प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार ने 6 अगस्त को सुशील कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले सुशील कुमार की जमानत रद्द करते समय गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई थी। इसके अलावा गिरफ्तारी से पहले उनके आचरण, अपराध की गंभीरता और चल रहे मुकदमे के परिणाम को प्रभावित करने की उनकी क्षमता को भी ध्यान में रखा गया।
अदालत ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में जमानत नियम और जेल अपवाद माना जाता है। हालांकि, मौजूदा मामले में आरोपित अपराध की प्रकृति बेहद गंभीर है। न्यायाधीश ने इसे मौत का कारण बनने वाला पूर्व नियोजित और भयावह हमला बताया।
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अदालत ने यह भी कहा कि मामले में आग्नेयास्त्र की बरामदगी, वीडियो साक्ष्य और बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री मौजूद है, जिनकी अभी मुकदमे के दौरान न्यायिक जांच होनी बाकी है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने फिलहाल आरोपी को राहत देना उचित नहीं माना।
छत्रसाल स्टेडियम में मई 2021 में सागर धनखड़ की मौत के मामले में सुशील कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, विवाद के बाद सागर पर कथित तौर पर हमला किया गया था, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से मामले की सुनवाई के दौरान सुशील कुमार की हिरासत जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने मामले के साक्ष्यों और गवाहों से जुड़े जोखिम को जमानत के सवाल पर महत्वपूर्ण माना है।
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