कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। मुक्केबाजी में जैस्मिन लांबोरिया और प्रीति पवार ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं जादुमणि ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
प्रतियोगिता के अंतिम से एक दिन पहले भारत के 10 मुक्केबाज स्वर्ण पदक के लिए फाइनल मुकाबलों में उतरे। इनमें प्रीति पवार, लवलीना बोरगोहेन, जैस्मिन लांबोरिया समेत कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल रहे। भारतीय दल ने अब तक कुल 23 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिसमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं।
भाला फेंक स्पर्धा में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत को डबल पोडियम दिलाया। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन स्पर्धा में भारत का पहला पदक है।
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जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बड़ी सफलता हासिल की। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपनी-अपनी श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया। अस्मिता का गोल्ड कॉमनवेल्थ गेम्स के जूडो इतिहास में भारत का पहला स्वर्ण पदक रहा। इसके बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण जीतकर भारत की खुशी को दोगुना कर दिया।
वहीं यामिनी मौर्य ने स्वर्ण पदक के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। प्रतियोगिता के आखिरी दिनों में भारत के पास पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने और कई और स्वर्ण पदक जीतने के अवसर मौजूद हैं।
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन से देश की पदक उम्मीदें और बढ़ गई हैं। मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
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