ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक ईसाई पादरी और उनके समुदाय के सदस्यों पर कथित हमले को लेकर कांग्रेस ने “गहरी चिंता” व्यक्त की है। कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
वेणुगोपाल ने अपने पत्र में 4 जनवरी को परजंग गांव में हुई घटना का उल्लेख किया। बताया गया कि पादरी बिपिन बिहारी नायक रविवार की प्रार्थना के दौरान अपने घर में पूजा करा रहे थे, तभी लगभग 40 लोगों की भीड़ ने घर घेर लिया और पादरी सहित सात ईसाई परिवारों के लोगों पर हमला कर उन्हें पीटा। कांग्रेस नेता के अनुसार, भीड़ में कथित रूप से बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल थे।
वेणुगोपाल ने इस घटना को “घिनौना और बर्बर” बताते हुए कहा कि पादरी को पकड़कर पीटा गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उनके चेहरे पर सिंदूर लगाया गया, गले में चप्पलों की माला डाली गई और उन्हें गांव में घुमाया गया। इसके बाद पादरी को स्थानीय मंदिर के पास बांधकर गाय के गोबर खाने, धार्मिक नारे लगाने और गटर का पानी पीने के लिए मजबूर किया गया।
और पढ़ें: ओडिशा के सुंदरगढ़ में दो गुटों की हिंसक झड़प, 12 से अधिक घायल; निषेधाज्ञा लागू, इंटरनेट सेवा बंद
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सिर्फ हमला नहीं था, बल्कि एक “अपमानजनक सार्वजनिक लिंचिंग और धार्मिक विश्वास पर जबरदस्ती का कृत्य” था। इस हमले के बाद सात ईसाई परिवार गांव छोड़कर भाग गए।
वेणुगोपाल ने अधिकारियों की निष्क्रियता की आलोचना की और कहा कि भीड़ का यह व्यवहार धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का हिस्सा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, समयबद्ध स्वतंत्र जांच, और पादरी तथा प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।
और पढ़ें: ओडिशा में स्थानीय लोगों के हमले में बंगाल के प्रवासी मजदूर की मौत