कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपनी ही पार्टी के भीतर आलोचना का सामना कर रहे हैं। इस बार विवाद का कारण उनका जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर दिया गया बयान और सोशल मीडिया पोस्ट बना है, जिसमें उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में सामान्य स्थिति की ओर हो रहे बदलाव की सराहना की थी।
थरूर ने कहा कि उन्होंने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बैठक में सामान्य स्थिति की ओर हो रहे “उत्साहजनक प्रगति” पर बात हुई। थरूर ने यह भी कहा कि उन्हें बातचीत के बाद पहले से अधिक सकारात्मक महसूस हुआ।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रवींद्र शर्मा ने थरूर को स्थानीय लोगों से मिलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग भी उनसे मिलकर जमीनी हकीकत बताने की उम्मीद कर रहे थे। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि थरूर ने पार्टी नेताओं से मुलाकात नहीं की, जो राज्य के दर्जे की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
और पढ़ें: फिलीपींस के सैन होजे नेशनल हाई स्कूल में गोलीबारी, 3 छात्रों की मौत और 5 घायल
यह पहली बार नहीं है जब शशि थरूर अपनी पार्टी के निशाने पर आए हों। इससे पहले भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित सराहना को लेकर उनकी आलोचना की थी। पार्टी का कहना था कि थरूर के बयान राजनीतिक सीमाओं से आगे जा रहे हैं और इससे गलत संदेश जा सकता है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब थरूर को लेकर यह रिपोर्ट सामने आई कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की थी। इस पर कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
थरूर ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी चिंता भारतीय नागरिकों, विशेषकर समुद्री नाविकों की सुरक्षा को लेकर थी, न कि किसी राजनीतिक प्रशंसा को लेकर।
उन्होंने कहा कि तीन भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुखद है और उनका बयान केवल नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सिद्धांतों से जुड़ा था।
और पढ़ें: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति को 10 सीटें, एमवीए का खाता नहीं खुला